विभाजन के बाद बदलता बिहार

Shobha Kumari

Abstract


15 नवम्बर 2000 को बिहार विधान सभा ने बिहार पुर्नगठन विधयेक को मंजूरी दी थी। विभाजन के बाद बिहार अपने चैतरफा चहुमुखी विकास के लिए जाना जाता है। बिहार सरकार सीमित साधनों में राज्य का विकास करने का प्रयास कर रही है। बिना किसी के मदद के बिहार आज विकास की गाथा लिख रहा है। नित्य नये - नये अछाईयों पर चढ़ने के लिए सुबे के मुखिया ऐड़ी चोटी एक कर राज्य में खुशहाली लाने की भरपूर कोशिश कर रहें है। उस काम में राज्य की जनता भी भरपूर प्रयत्न कर रही है। जहाँ एक समय बिहारियों को उनके पिछड़ेपन अशिक्षा, गरीबी एवं बेरोजगारी के लिए जाना जाता था। वही आज स्थिति बदली है। बिहार देश के अन्य विकसित राज्यों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। वर्तमान बिहार  अपने  उन्नत एवं विकसीत सोच के बदौलत या यूँ कहे कि अल्प संसाधनों के सहारे विकास की नयी गाथा लिखकर बिहारी होने को गौरवान्वित कर रहा है।

Keywords


पुर्नगठन, एकीकरण, संसाधन, गौरव, अख्ंाडता, क्षेत्रियतावाद, पिछड़ापन

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References


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