मैथिलीशरण-राष्ट्रीय चेतना के उन्नायक

डॉ. कमल हरनाल

Abstract


हिन्दी साहित्य में ‘राष्ट्रकवि‘ की उपाधि से विभूषित मैथिलीशरण गुप्त खड़ी बोली के प्रथम  महत्वपूर्ण कवि हैं एवं जिनके काव्य में राष्ट्रीय चेतना, धार्मिक भावना, देशप्रेम, भारतीय संस्कृति व मानवीय उत्थान पूर्ण रूप से प्रतिबिम्बित है। भारत के अतीत का गौरवमय इतिहास और भारतीय संस्कृति का दिग्दर्शन ऐसे विशाल फलक पर अन्यत्र दुर्लभ है।

Keywords


राष्ट्रीयता, संस्कृति, अतीत, गौरवमय, देशप्रेम

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